
एक दोपहर।
हवेली में सब सो रहे थे। पिता-माँ बाहर गए थे, भाई कॉलेज में। घर में सिर्फ़ वीरभद्र, गौरांगी और रुक्मिणी। गौरांगी कमरे में आराम कर रही थी, लेकिन रुक्मिणी ने मौका देखकर वीरभद्र के स्टडी रूम में घुस आई।

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एक दोपहर।
हवेली में सब सो रहे थे। पिता-माँ बाहर गए थे, भाई कॉलेज में। घर में सिर्फ़ वीरभद्र, गौरांगी और रुक्मिणी। गौरांगी कमरे में आराम कर रही थी, लेकिन रुक्मिणी ने मौका देखकर वीरभद्र के स्टडी रूम में घुस आई।

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