
कुछ हफ्ते बाद।
एक रात, जब घर में सब सो चुके थे। वीरभद्र का छोटा भाई अर्जुन (22 साल का, हाईट अच्छी, बदन फिट, लेकिन थोड़ा शरारती और हिम्मत वाला) रुक्मिणी के कमरे के बाहर से गुजर रहा था। दरवाज़ा थोड़ा खुला था। अंदर से हल्की सिसकी और कराह की आवाज़ आ रही थी।

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